‘श्री’ शब्द के इस छोटे से रूप के अनेकानेक अर्थ हैं। अधिकांशतः मंत्रों के उच्चारण में इस पवित्र शब्द का प्रयोग किया जाता है। ‘श्री’ का शब्दिक अर्थ है समृद्धि।
समृद्धि हो — उत्तम विचारों की, भावों की, किसी कार्य की, उत्तमता की।
समृद्धि हो — बुद्धिमत्ता की, कुशलता की, समझदारी व आत्मविश्वास की।
समृद्धि हो — ऐसे चिन्तन की जो आपके भीतर अनोखी ज्योति प्रज्ज्वलित कर सके।











